सहारनपुर में नोटों से सजी कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र, 2.70 लाख के नोटों से सजाई गई अनोखी कांवड़

A Unique Kawad Yatra in Saharanpur

सहारनपुर : सावन की कांवड़ यात्रा में इस बार सहारनपुर से गुजर रही एक कांवड़ अपनी अनोखी सजावट को लेकर लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। आमतौर पर फूलों, रंग-बिरंगी झालरों और धार्मिक प्रतीकों से सजी नजर आने वाली कांवड़ इस बार  50, 100, 200 और 500 के नोटों से सजी हुई है। कांवड़ पर 500 रुपये से लेकर 10 रुपये तक के नोट लगाए गए हैं। कांवड़ियों के मुताबिक, इस कांवड़ को करीब 2 लाख 70 हजार रुपये के नोटों से सजाया गया है।

A Unique Kawad Yatra in Saharanpur
आपको बता दें कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकला करीब 10 कांवड़ियों का दल सहारनपुर के रास्ते हरियाणा के जगाधरी-यमुनानगर की ओर बढ़ रहा है। नोटों से सजी कांवड़ जैसे ही कांवड़ मार्ग से गुजरती है, उसे देखने के लिए राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट जाती है। कई लोग कुछ देर रुककर कांवड़ को देखते हैं और मोबाइल फोन से उसकी तस्वीरें भी खींचते नजर आते हैं। कांवड़ की खास सजावट के कारण लोगों में इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है। फूलों और झालरों के बीच दूर से ही नोटों से सजी कांवड़ अलग दिखाई देती है। भीड़ बढ़ने के कारण कांवड़ियों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। कई लोग नोटों को करीब से देखने और उन्हें छूने का प्रयास करते हैं।

कांवड़ियों का कहना है कि रात के समय भी बड़ी संख्या में लोग इस अनोखी कांवड़ को देखने पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें रात में जागकर कांवड़ की निगरानी करनी पड़ती है। इतनी बड़ी मात्रा में नोट लगे होने के कारण सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। लाखों रुपये से सजी कांवड़ की सुरक्षा को लेकर सहारनपुर पुलिस भी सतर्क नजर आ रही है। एसपी देहात मयंक पाठक बताते हैं कि यूपी सीमा में प्रवेश करने के बाद कांवड़ के साथ पुलिसकर्मियों की निगरानी लगातार बनी हुई है। जिस थाना क्षेत्र से कांवड़ गुजरती है, उस क्षेत्र की पुलिस उसे अपने इलाके की सीमा तक एस्कॉर्ट करती है। इसके बाद अगले थाना क्षेत्र की पुलिस सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल लेती है।

A Unique Kawad Yatra in Saharanpur

इस तरह थाना क्षेत्र बदलने के साथ कांवड़ के साथ चल रहे पुलिसकर्मी भी बदल जाते हैं। पुलिस की इस व्यवस्था से कांवड़ियों को भी राहत मिल रही है। उनका कहना है कि रास्ते में लगातार पुलिस की मौजूदगी रहने से उन्हें करेंसी से सजी कांवड़ को सुरक्षित आगे ले जाने में मदद मिल रही है। कांवड़िया मोनू बताते हैं कि नोटों से कांवड़ सजाने की शुरुआत करीब चार साल पहले की गई थी। पहली बार लगभग एक लाख रुपये के नोटों से कांवड़ को सजाया गया था। इसके बाद हर साल इसमें नोटों की संख्या और रकम बढ़ती गई। इस बार करीब 2.70 लाख रुपये के नोटों से कांवड़ को सजाया गया है। मोनू का कहना है कि अगले साल वह इस कांवड़ को और भव्य रूप देने की तैयारी में हैं। उनकी योजना करीब पांच लाख रुपये की करेंसी से कांवड़ सजाने की है।

वहीं इसी दल में शामिल कांवड़िया जगदीप ने भी अपनी कांवड़ को नोटों से सजाया हुआ है। उनकी कांवड़ पर करीब 50 हजार रुपये के नोट लगाये गये है। इसे तैयार करने में करीब डेढ़ दिन का समय लगा। करीब 10 कांवड़ियों का यह दल 5 अगस्त को हरिद्वार से रवाना हुआ था। दल का लक्ष्य 9 अगस्त तक जगाधरी-यमुनानगर पहुंचने का है। रास्ते में कांवड़ को देखने के लिए उमड़ रही भीड़ के बीच पुलिस की निगरानी लगातार बनी हुई है। कांवड़ियों ने सहारनपुर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की है।

उनका कहना है कि यात्रा के दौरान पुलिसकर्मी लगातार उनके साथ बने हुए हैं। विशेष रूप से रात के समय जब भीड़ बढ़ जाती है, तब पुलिस की मौजूदगी काफी मददगार साबित हो रही है। नोटों से सजी यह कांवड़ फिलहाल सहारनपुर में कांवड़ यात्रा के सबसे चर्चित आकर्षणों में शामिल हो गई है। जहां एक ओर लोग इसे कौतूहल के साथ देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी मात्रा में नोट होने के कारण इसकी सुरक्षा भी पुलिस और कांवड़ियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी बनी हुई है।
नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NPR BHARAT NEWS के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts